बहुरि अकेला
मालती जोशीस्टाफ़रूम में गरमागरम बहस चल रही थी। मुझे देखकर क्षणभर को सन्नाटा खिंच गया। मुझे लगा कि कहीं बहस...
मालती जोशीस्टाफ़रूम में गरमागरम बहस चल रही थी। मुझे देखकर क्षणभर को सन्नाटा खिंच गया। मुझे लगा कि कहीं बहस...
पण्डित बद्रीनाथ भट्ट "सुदर्शन"माँ को अपने बेटे और किसान को अपने लहलहाते खेत देखकर जो आनंद आता है, वही आनंद...
रवीन्द्रनाथ टैगोरमेरी पांच बरस की लड़की मिनी से क्षण भर भी बिना बात किये रहा नहीं जाता। संसार में जन्म...
मुंशी प्रेमचंदजब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे...
मुंशी प्रेमचंदरमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब...
शिवानीताहिरा ने पास के बर्थ पर सोए अपने पति को देखा और एक लंबी साँस खींचकर करवट बदल ली।कंबल से...
फणीश्वरनाथ रेणुखेती-बारी के समय, गाँव के किसान सिरचन की गिनती नहीं करते। लोग उसको बेकार ही नहीं, 'बेगार' समझते हैं।...
कमलेश्वर'लाल हिन्द, कामरेड!' एक दूसरे कामरेड ने मुक्का दिखाते हुए कहा। 'लाल हिन्द' कहकर उन्होंने भी अपना मुक्का हवा में...
फणीश्वरनाथ रेणुहिरामन गाड़ीवान की पीठ में गुदगुदी लगती है...पिछले बीस साल से गाड़ी हाँकता है हिरामन। बैलगाड़ी। सीमा के उस...
शिवानीदिवाली का दिन। चीना पीक की जानलेवा चढ़ाई को पार कर जुआरियों का दल दुर्गम-बीहड़ पर्वत के वक्ष पर दरी...