विक्रमादित्य के नौ रत्न
विक्रमार्कस्य आस्थाने नवरत्नानि धन्वन्तरिः क्षपणको मरसिंह शंकू वेताळभट्ट घट कर्पर कालिदासाः। ख्यातो वराह मिहिरो नृपते स्सभायां रत्नानि वै वररुचि र्नव...
विक्रमार्कस्य आस्थाने नवरत्नानि धन्वन्तरिः क्षपणको मरसिंह शंकू वेताळभट्ट घट कर्पर कालिदासाः। ख्यातो वराह मिहिरो नृपते स्सभायां रत्नानि वै वररुचि र्नव...
उज्जयिनी के परम प्रतापी राजा हुए थे विक्रमादित्य। विक्रमादित्य के पिता महाराज गंधर्वसेन थे और उनकी दो पत्नियां थीं। एक...
आईये आज जानते है नागा साधुओं और नागा सम्प्रदाय के बारे में - सभी साधुओं में नागा साधुओं को सबसे...
उज्जैन में चक्रतीर्थ और गढ़कालिका का स्थान तांत्रिकों का गढ़ माना जाता है। आईये देखे क्या है ये अघोर पंथ और...
महानगरों की तर्ज पर अब आप उज्जैन में भी घर बैठे अपने लिए टैक्सी बुक कर सकते है | ओला...
..संभवतः अपना आखिरी साक्षात्कार देते हुए .
'मेघदूत' में महाकवि कालिदास ने उज्जयिी का सुंदर वर्णन करते हुए कहा है कि जब स्वर्गीय जीवों को अपने पुण्यक्षीण...