वराहमिहिर (वरःमिहिर) ईसा की पाँचवीं-छठी शताब्दी के भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलज्ञ थे। उज्जैन के समीप कापित्थक अथवा 'कपिथा (वर्तमान में...
Read moreतरणताल के पिछवाड़े, फ़ूड कोर्ट प्रांगण में स्थापित 'हास्य चौबारे' पर हर वर्ष की तरह पं. ओम व्यास 'ओम' को...
Read moreउज्जयिनी का शाब्दिक अर्थ है विजेता या जयनगरी। कहा जाता है कि प्राचीनकाल में त्रिपुर नामक दानव ने ब्रह्मा से...
Read moreविक्रमार्कस्य आस्थाने नवरत्नानि धन्वन्तरिः क्षपणको मरसिंह शंकू वेताळभट्ट घट कर्पर कालिदासाः। ख्यातो वराह मिहिरो नृपते स्सभायां रत्नानि वै वररुचि र्नव...
Read moreउज्जयिनी के परम प्रतापी राजा हुए थे विक्रमादित्य। विक्रमादित्य के पिता महाराज गंधर्वसेन थे और उनकी दो पत्नियां थीं। एक...
Read moreआईये आज जानते है नागा साधुओं और नागा सम्प्रदाय के बारे में - सभी साधुओं में नागा साधुओं को सबसे...
Read moreउज्जैन में चक्रतीर्थ और गढ़कालिका का स्थान तांत्रिकों का गढ़ माना जाता है। आईये देखे क्या है ये अघोर पंथ और...
Read moreमहानगरों की तर्ज पर अब आप उज्जैन में भी घर बैठे अपने लिए टैक्सी बुक कर सकते है | ओला...
Read more..संभवतः अपना आखिरी साक्षात्कार देते हुए .
Read more'मेघदूत' में महाकवि कालिदास ने उज्जयिी का सुंदर वर्णन करते हुए कहा है कि जब स्वर्गीय जीवों को अपने पुण्यक्षीण...
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